About Me

I write poems - I m going towards me, I write stories - किस्से ओमी भैय्या के, I write randomly - squander with me

Wednesday, July 16, 2008

काश

कोई खवाब देखे तू ऐसा
जो मुझ बिन लगे अधुरा
कोई मांगे तू ऐसी दुआ
जिसमे हो नाम मेरा
ये काश की तुझे भी मोह्हबत होजाए
चलने लगे तेज तेरी सांसें
दिल भी बेचैनी मे धड़के
कही मन तेरा न लागे
युही बेवजह तू मुसुकुराए
ये काश की तुझे भी मोह्हबत होजाए
रातो को गिने तारे
चाँद अपना सा तुझे लागे
आईने से करे बाते
भीड़ भी रहे अकेले
ये काश की तुझे भी मोह्हबत होजाए
जुबा कुछ न कह पाये
निगाहे कहदे सारी बाते
हम समझे तेरे इशारे
फिर भी बनाये बहाने
ये काश की तुझे भी मोह्हबत होजाए

1 comment:

Nehal said...

thodi aur lambi hoti to shayd.....sach mein senti ho jati :(.......nice wrk:)